इस्लामाबाद: पाकिस्तान से चलने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का ऑपरेशनल कमांडर मोहम्मद आसिम सड़क दुर्घटना में मारा गया है। मसूद अजहर के नेतृत्व वाले गुट ने बताया है कि लाहौर के गढ़ी शाहू इलाके में सड़क दुर्घटना में असीम, उसकी पत्नी और बेटे की मौत हुई है। इस हफ्ते यह जैश के दूसरे बड़े कमांडर की मौत है। वहीं मौजूदा साल, 2026 में इस आतंकवादी समूह के नेतृत्व स्तर से चौथे कमांडर की मौत हुई है।
लाहौर के आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह जानलेवा हादसा लाहौर के गढ़ी शाहू में अल्लामा इकबाल रोड पर हुआ। बताया जा रहा है कि एक भारी ट्रेलर ने पीछे से आसिम की गाड़ी को टक्कर मार दी। इससे जैश-ए-मोहम्मद के लाहौर जिला ऑपरेशनल कमांडर आसिम, उसकी पत्नी हुमा और बेटे तल्हा की मौत हो गई।
पीछे से टक्कर मारने का आरोप
आसिम के बड़े बेटे मोहम्मद ने इस मामले में FIR दर्ज कराई है। एफआईआर में ट्रेलर चालक पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप है, जो इस हादसा की वजह बना। घटना के बाद लाहौर के चीफ ट्रैफिक ऑफिसर (CTO) सैयद अब्दुल रहीम शिराजी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अफसरों से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। इससे आने वाले समय में और चीजें साफ होने की उम्मीद है।
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े सोशल मीडिया चैनलों और बयानों में आसिम की मौत की पुष्टि कर दी गई है। उसके बारे में बताया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद के लिए क्षेत्रीय ऑपरेशनल प्लानिंग और स्थानीय वित्तीय नेटवर्क की देखरेख करता था। बाहरी समूहों को भेजे जाने वाले फंड के प्रबंधन का कामकाज भी आसिम ही देखता था।
कश्मीर तक सक्रिय था आसिम
आसिम बड़े पैमाने पर संगठनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन करता था। इसी साल जिसमें अगस्त में उसने लाहौर में आयोजित जैश-ए-मोहम्मद की बड़ी भर्ती रैली की थी। आसिम की कश्मीर में गतिविधियों की बात भी सामने आई है। आसिम का परिवार और गुट लाहौर के जामिया अशरफिया में उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है।
मसूद अजहर और जैश-ए-मौहम्मद भारत में कई बड़े आतंकी हमलों के मामले में आरोपी है। इनमें 2001 में संसद पर हमला, 2008 में मुंबई हमले, 2016 में पठानकोट हमला और 2019 में पुलवामा बम धमाका शामिल है। वह पाकिस्तान में बताया जाता है। हालांकि इस्लामाबाद का कहना है कि अजहर अफगानिस्तान चला गया है।
भारत की जेल में रहा है मसूद
मसूद अजहर कई दशक से आतंकी गतिविधियों में एक्टिव है। साल 1994 में हरकत-उल-अंसार के विरोधी गुटों- हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी और हरकत-उल-मुजाहिदीन के बीच तनाव कम करने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके श्रीनगर गया था। उसे कश्मीर में गिरफ्तार किया गया और जेल में डाल दिया गया।
मसूद अजहर वही आतंकी है, जिसे 1999 में कंधार हाईजैक के बाद रिहा किया गया था। यह रिहाई इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के हाईजैक के बाद बंधक बनाए गए यात्रियों और क्रू सदस्यों के बदले में हुई थी। संयुक्त राष्ट्र ने 2019 में मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था। वह भारत में भी वह मोस्ट वॉन्टेड है।