सिंधु जल संधि पर भारत के एक्शन से रोया पाकिस्तान, UN में कहा- 'खतरे में 24 करोड़ लोगों की जिंदगी'
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16-07-2026 12:02 PM
न्यूयॉर्क/इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में गुहार लगाते हुए कहा है कि भारत के सिंधु जल संधि सस्पेंड करने से देश के 24 करोड़ लोगों की जिंदगी खतरे में है। अमेरिकी समय के मुताबिक बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की एक मंत्री स्तरीय बैठक में पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत की शिकायत करते हुए अंतरराष्ट्रीय संधि की शर्तों का पालन करने का आग्रह किया।संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक मंत्रिस्तरीय बैठक में पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसन इकबाल और उनके राजनयिकों ने आरोप लगाया कि भारत की तरफ से सिंधु जल संधि को निलंबित करने से पाकिस्तान के 24 करोड़ लोगों की जल सुरक्षा और आजीविका खतरे में पड़ गई है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में बोलते हुए अहसान इकबाल ने कहा 'जल सुरक्षा भी उतनी ही बुनियादी जरूरत है। छह दशकों से भी ज्यादा समय से सिंधु जल संधि शांतिपूर्ण सीमा-पार सहयोग का एक मॉडल रही है।'पाकिस्तान का UN में क्या आरोप लगाए हैं?
- पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने आरोप लगाए हैं कि सिंधु नदी तंत्र पाकिस्तान का लाइफलाइन है। देश की 90% खेती और 30% से ज्यादा बिजली इसी नदी प्रणाली पर टिकी है।
- पाकिस्तानी मंत्री ने इसे भारत का 'गैर-कानूनी और एकतरफा' कदम बताया है। उनका तर्क है कि 1960 की इस संधि में किसी एक देश की तरफ से इसे निलंबित करने का कोई प्रावधान नहीं है।
- पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत डेटा जैसे बाढ़ की चेतावनी और पानी के बहाव की जानकारी साझा नहीं कर रहा है और चेनाब नदी पर ऐसी परियोजनाएं बना रहा है जिससे पानी का रुख बदला जा सके।
आखिर भारत ने क्यों निलंबित की सिंधु जल संधि
- भारत ने पिछले वर्ष अप्रैल महीने में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था।
- भारत ने कहा कि पहलगाम में पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की धर्म पूछकर हत्या कर दी।
- भारत ने आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था और मई महीने में पीओके और पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर हमले किए थे।
- भारत सरकार ने आतंकवाद को लेकर सख्त रूख अपनाया है और कहा है कि 'पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।'
भारत के सिंधु जल संधि सस्पेंड किए जाने को पाकिस्तान ने 'युद्ध की कार्रवाई' बताया है। पाकिस्तान के नेताओं और सैन्य अधिकारियों ने युद्ध तक की चेतावनी दी है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वथनेनी ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह, प्रामाणिक और अपरिवर्तनीय रूप से बंद नहीं करता तब तक यह संधि निलंबित ही रहेगी। पाकिस्तान के 24 करोड़ लोगों पर क्यों मंडराया पानी का संकट?
- वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में करीब 65 वर्ष पहले भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी के जल को लेकर ऐतिहासिक समझौता हुआ था।
- भारत अब पाकिस्तान के साथ नदियों के बहाव और मौसम से जुड़े बदलाव से जुड़े 'हाइड्रोलॉजिकल डेटा' शेयर नहीं कर रहा है। पाकिस्तान के लिए अब बाढ़, सूखा और खेती की योजना बनाना मुश्किल हो गया है।
- भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के अधिकारियों को नदियों के संयुक्त निरीक्षण के लिए भारत आने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
सिंधु जल संधि के तहत पूर्वी नदियों जैसे रावी, ब्यास, सतलुज का पानी भारत को और पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम, चेनाब का पानी पाकिस्तान को आवंटित था। अब भारत पश्चिमी नदियों पर भी बांध, भंडारण और जलविद्युत परियोजनाएं बनाने के लिए स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ रहा है।